छक कर सोएं, स्वस्थ, सक्रिय और लंबी जिंदगी पाएं !

Published On: February 27, 2018 at 7:47 AM 0 Comments R Baranwal

यह तो हम जानते हैं कि नींद हमारे लिए कितनी ज़रूरी है। सामान्यतः एक इंसान अपनी जिंदगी का एक तिहाई सोने में बिता देता है। हालांकि हम अभी तक यह नहीं जानते कि हमें नींद की ज़रूरत क्यों होती है, हालांकि हमें इतना तो पता है कि यह ज़रूरी है और इसके बिना फ़ैसले लेने, याद रखने, बोलने जैसी मानसिक शक्तियां क्षीण होने लगती हैं। लेकिन एक शोध के अनुसार अगर आप पर्याप्त नहीं सोते हैं तो आपकी जिंदगी के साल काफ़ी कम हो सकते हैं। अत: छक कर सोएं और स्वस्थ, सक्रिय, लंबी जिंदगी जीएं।

नींद का विज्ञान अपने आप में बेहद दिलचस्प है और नींद की सीक्रेट्स पिछले कुछ सालों में ही सामने आ रही हैं। आज तक वैज्ञानिक ठीक-ठीक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि नींद में हमारा दिमाग किस तरह काम करता है, हमें सपने क्यों आते हैं और उन सपनों के क्या मायने हैंं। इसके बावजूद नींद को लेकर कई दिलचस्प बातें पता चली हैं।

१. परिचित सुगंध: नींद के वक्त अगर आस पास परिचित सुगंध हो तो इस दौरान आपकी यादाश्त बेहतर होती है। आपमें किसी काम को सीखने की प्रवृति बेहतर होती है।

२. शरीर का कांपना – नींद के दौरान जिन लोगों का शरीर रह रहकर कांपता या झटके खाता है, वह आम बात है। इन्हें हिप्निक जर्क कहते हैं और इनका कोई नुकसान नहीं होता है।

३. डिजरीडू से अच्छी नींद – एक अध्ययन के अनुसार यदि ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों का वाद्य डिजरीडू (बासुरी जैसा पर कई फ़ुट लंबा विंड इस्ट्रयूमेंट) बजाएँ तो सांस लेने वाली मांसपेशियां मज़बूत होती हैं और इसके बजाने वालों को बहुत अच्छे से नींद आती है।

४. झपकी लेने का समय – सोने के लिहाज से प्राकृतिक तौर पर झपकी लेने का समय दोपहर के भोजन के बाद होना चाहिए जिससे रचनात्मकता बढ़ती हैं। हालाँकि, इस समय के बाद ली गई झपकी आपकी ऊर्जा से जल्द ‘रेसटोर’ करती है।

५. कुछ के लिए चार घंटे काफ़ी – हाल ही में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि जीन म्यूटेशन के कारण जिन लोगों में डीईसी २ जीन होती है, उनके लिए केवल चार घंटे सोना काफ़ी होता है। इतनी नींद के बाद भी वे भरपूर ऊर्जा से पूरे दिन काम कर लेते हैं। ध्यान इस बात का रखना चाहिए कि ऐसा हर व्यक्ति में नहीं होता और हमें अपने शरीर और उसके नींद के पैटर्न को समझना चाहिए।

६. आठ घंटे की नींद ज़रूरी – प्राकृतिक रूप से बहुत कम लोग ही कम नींद लेने वाले होते हैं। ज्यादातर लोगों को प्रतिदिन आठ घंटे की नींद की जरूरत होती है।

७. यादाश्त व्यवस्थित करने का समय – नींद पर एक थ्योरी यह है कि नींद के दौरान हमारा दिमाग यादाश्त को सही से व्यवस्थित करता है। शायद कटु अनुभवों से निपटने में भी नींद हमारी मदद करती है।

८. सपनों का वीडियो – कुछ विशेषज्ञों ने लोगों के दिमाग की सक्रियता के आधार पर उनके देखे गए यूट्यूब वीडियो को रीकन्सट्रक्ट किया है। माना जा रहा है कि इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक दिन हमारे सपने को भी रीकन्सट्रक्ट किया जा सकेगा।

९. कम नींद का हल – सैन्य अनुसंधानों के मुताबिक अगर आप पहले से ही कुछ ज्यादा देर तक सो लें, तो बाद में कम नींद का आप पर ज्यादा असर नहीं होगा।

१०. छह घंटे से कम नींद, नशे जैसी हालत – अगर आप लगातार १२ रातों तक छह घंटे से कम सोते रहे हैं, तो आपकी चुस्ती और चेतना वैसी ही होगी जैसे कि आपके रक्त में ०.१ प्रतिशत अल्कोहल के बाद होगी। आपके बोलना साफ़ नहीं होगा, संतुलना बिगड़ा हुआ होगा और यादाश्त भी तेज़ नहीं होगी। दूसरे शब्दों में कहें तो आप नशे में होंगे !.

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