नेपाल में बोतल में बंद नहीं हो रहा नोटबंदी का जिन्न, लगा रहा RBI से गुहार

Published On: January 11, 2019 at 10:47 AM 0 Comments R Baranwal

नेपाल ने केन्द्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मांग की है कि वह जल्द से जल्द नेपाल में 200, 500 और 2000 रुपये की नई भारतीय करेंसी को लीगल टेंडर घोषित करे जिससे दोनों देशों के बीच व्याप्त करेंसी संकट को दूर किया जा सके. फिलहाल आरबीआई ने नेपाल के लिए सिर्फ 100 रुपये की मुद्रा को लीगल टेंडर घोषित किया है जिसके चलते बड़ी संख्या में नेपाली नागरिकों को कारोबार करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

इसके साथ ही नेपाल के केन्द्रीय बैंक नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) ने एक बार फिर आरबीआई से प्रतिबंधित 500 और 1000 रुपये की करेंसी में 4.8 करोड़ रुपये को नई करेंसी में बदलने की मांग की है. ये करेंसी देश में नवंबर 2016 में नोटबंदी ऐलान होने के बाद से फंसी है और आरबीआ ने इसे बदलने के लिए कोई फैसला नहीं लिया है.

गौरतलब है कि एनआरबी की तरफ से यह पहल इसलिए की है जिससे भारत की बड़ी मुद्राओं को भी नेपाली नागरिक प्राप्त कर सकें और नेपाल के बैंक में उन्हें नेपाली मुद्रा में बदला जा सके. मौजूदा समय में भारत से नेपाल जाने वाले टूरिस्ट और नेपाल से बड़ी संख्या में काम के सिलसिले में भारत आने वाले लोगों के सामने सिर्फ 100 रुपये की करेंसी में ट्रांजैक्शन करने का विकल्प है. इसके चलते जहां नेपाल का छोटा कारोबार प्रभावित हो रहा है वहीं टूरिज्म सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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नेपाल में 500 और 2000 रुपये की नई करेंसी पर प्रतिबंध के चलते भारत आने वाले नेपाली नागरिकों को भी दिक्कत हो रही है. अभी पिछले साल ही नेपाल ने पहली बार यह मानते हुए आंकड़ा जारी किया था कि सर्वाधिक नेपाली नागरिक बतौर लेबर फोर्स भारत जाते हैं.

वहीं नेपाल से सटे राज्य यूपी और बिहार में बड़ी संख्या में लेबर खेत और फैक्ट्रियों में काम करने के लिए आते हैं लेकिन करेंसी प्रतिबंध के चलते ये लेबर भारत में 100 रुपये से बड़ी करेंसी नहीं लेते. गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद से नेपाल के बैंक नेपाली नागरिकों से महज 25,000 रुपये मूल्य की भारतीय मुद्रा को बदलकर नेपाली करेंसी दे रहे हैं. वहीं नेपाल से भारत आने वाले कारोबारी भी महज 25,000 रुपये लेकर भारत में प्रवेश कर सकते हैं.

ऐसी स्थिति में जहां नेपाल से भारत में खरीद के लिए आने वाला छोटा कारोबारी 100-100 रुपये की मुद्रा लाने के लिए मजबूर हैं वहीं भारत में बतौर लेबर आने वाले नेपाली नागरिक यहां काम करने के लिए तभी तैयार हो हे हैं जब उन्हें देहाड़ी में सिर्फ 100 रुपये की करेंसी दी जाए.

Source: https://aajtak.intoday.in/story/nepal-facing-demonetisation-blues-as-500-and-2000-rupee-note-still-banned-1-1052590.html

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